Sahitya Sangeet

Literature Is The Almighty & Music Is Meditation

OTHER LINKS
Mirza Ghalib

सहन शक्ति (Sahan Shakti)

 




सर्वदा विजय का स्वप्न ,
निद्रा में भी क्लांत हो जाता हूँ ,
परन्तु अज्ञानतावश अंत में पराजित हो जाता हूँ ,
पराजय का ग्लानि ढ़ोते ढ़ोते क्लांत हो जाता हूँ।।



सूर्यास्त का स्वर्णिम रंग मुझे ग्रास करता है,
मृग मरीचिका सर्वदा ही अनर्थक दौड़ाता है ,
विजय के निकट ही सर्वदा पराजय का आलिंगन ,
उपालम्भ सुनते सुनते सर्वदा क्लांत हो जाता हूँ।।



सर्वदा सोचता हूँ, जीवन है तो जय पराजय भी है ,
तो क्या जय सर्वदा अपरिचितों का आशय है ,
परिचितों का व्यंग्यात्मक हास्य, अपनों का मौन ,
व्यंग्यात्मक मौन सहते सहते क्लांत हो जाता हूँ।।



सुक्तिओं के महासागर में गोता भी लगाया ,
दर्शन , मानस और धर्म के नदियों में तैरा किया ,
और सफलता से  बाहर आया तो ज्ञांत हुआ, मुझे ज्ञान नहीं ,
अज्ञानता के अपराध बोध पर रोते रोते क्लांत हो जाता हूँ।।

( TO ALL THE CRITICS. IF YOU WANT TO BE A CRITIC, GET THE PATIENCE TO LISTEN.)


By Rabindra Nath Banerjee (Ranjan)