sahitya Sangeet

(Literature Is The Almighty & Music Is Meditation)

gallery/images (158)
gallery/images (81)

Other Links

 

Ghalib

Spirituality

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Couplets Page-13

 

 

 

 

121.

ऐ मुहब्बत आज रोले जी भरके तू भी ,
"रंजन" पे रोने के लिए इक क़तरा भी न छोड़ ।

122.
गैरों ने तुझे अंजुमन आरा बना के छोड़ा, और "रंजन" ,
फिर रहे हैं चाकदामन लिए एक दरजी के तलाश में ।

123.
वही हमेशा डूबते हैं ठहरे हुए समंदर में "रंजन",
जिन्हे तूफ़ान को अपने वश में रखने का गुरूर हो ।

124.
ता ज़िंदगी इस अंदेशा पे भागता ही रहा "रंजन",
अपने साये को हमेशा क़ातिल ही समझता रहा ।

125.
"रंजन" आज उसे जी भर भर के दुआएं दिए जा रहा ,
किस तरह उसने उसका हाल पूछ लिया होगा ।

126.
मुहब्बत एक खूबसूरत ख्वाबों का किताबी दुनिया है "रंजन" ,
इस अकलीम में तुम्हे आशिक़ों के लाशों का अम्बोह मिलेगा ।

127.
"रंजन" ये अज़ाब किसी और पे न आये खुदा खैर करे ,
घर के लिए एक उम्र चलते रहे , पता सबने ग़लत बताया ।

128.
ज़िंदगी क्या है ,अश्क़,भूख,ज़फ़ा और चाकदामन "रंजन",
मौत है इन सभी शै का एकदम से परेशान हो जाना ।

129.
"रंजन" के हमदर्द बेशुमार है ,पता है तुम्हे ,
शायद उसके आसपास अदाकार बहूत होंगे ।

130
हम हैं तो खुदा की खुदाई भी है "रंजन",
हम न होते तो उसे पूछता भी कौन ।

 

Click For Next Page

 

 



 

gallery/download (61)