sahitya Sangeet

(Literature Is The Almighty & Music Is Meditation)

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क्रांति ( Upheaval )

 

 

 


भयानक अमानवीय यातनाओं -


से घिरकर ,


जब आजका मानव क्षमा के लिए ,


सूखे होठों में बुदबुदाता है , उस समय ,


आजका संत ,


अस्वासनों की अंतड़ियों से !!


उसका होंठ ,


सील देता है !


फिर ,


एक समान समस्याओं से घिरे ,


अपनी खुदी से परे ,


जब फ़टे होंठ लेकर वह ,


इंसाफ का दरवाजा ,


खटखटाता है , तो ,


वातानुकूलित कमरे में ,


सोये हुए ,


इंसाफ को जगाने के अपराध में ,


उसे ,


सज़ाओं के गोलियों से ,


सुला दिया जाता है !
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(The top leaders of the world are busy painting rosy sketches for the generation from generations. And the concerned contries are trying to provide that finishing touches. And in that process they are silently tormenting us with their false commitment.)

 

By Rabindranath Banerjee(Ranjan)

 

 

 

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