Sahitya Sangeet

Literature Is The Almighty & Music Is Meditation

भूत (Past)

 



भूत और भविष्य के -----


दरम्यान ,


यह वर्तमान ;


मुझसे जुड़ा नहीं , या --


मैं ही नहीं पाया ?


भूत का भय !!


वर्तमान के करीब,,,,


आने नहीं देता।


भविष्य का मोह;;दूर ,


जाने नहीं देता।


मगर क्यों है ऐसा ?


सनातन धर्म के विपरीत ,


क्यों है भ्होत का डर ?


एक पल , दुसरे पल ,


भूत बनता है।


एक पल जो वर्तमान है ;;;;


मुझे उसीमें जीना है ,


भविष्य को सजाना है ,


उस एक पल में से , जो बाद में ----


मुझे भूत बनकर ;;;;;


डरने वाला है।।।
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(DILEMMA IS A POISONOUS STATE FOR HUMAN LIFE. LIVING IN THE PAST IS DREADFUL, LIVING IN THE FUTURE IS FOOLISHNESS. WE SHOULD CONSTRUCT OUR PRESENT INSTEAD. AND THAT IS THE ONLY SANE DEED.)

By Rabindranath Banerjee(Ranjan)